Wednesday, 28 May 2014

जीवन और उपलब्धि

पैदा करो विश्वास 
स्वयं की शक्ति पर,
छुपी है तुम्हारे अन्दर 
चिंगारियां
अनंत संभावनाओं की,
प्रज्वलित करो उन्हें 
अपने विश्वास की 
हवा से.

ढालो अपने आप को 
ऐसे सांचे में 
गर्व हो जिस पर 
तुम्हें अपने जीवन 
व उसकी उपलब्धि पर.

....कैलाश शर्मा 

9 comments:

  1. विश्‍वास बड़ी बात है, निश्‍चय ही।

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  2. lagta hain sir aaj aapne yah mere lie likh di.....so thanks a lot sir.......:-)
    really dis is too gud........

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  3. सुन्दर और प्रेरणादायक रचना

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  4. प्रेरणादायक रचना
    सादर

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  5. स्वयं में ही छिपी है सारी शक्ति.... बहुत खूबसूरत प्रस्तुति !!

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  6. विश्वास स्वयं अपने अन्दर पैदा करना गोटा है ... आशा और विश्वास लिए सुन्दर शब्द ...

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